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दिल ऐ नादान तुझे हुआ क्या है।

दिल ऐ नादान तुझे हुआ क्या है।
आखिर इस दर्द की दवा क्या है।।
हमको उनसे वफ़ा की है उम्मीद।
जो ये नही जानते की वफ़ा क्या है।
रगो में दौड़ते फिरने के हम नही कायल।
जब आँख ही से ना टपका तो फिर लहू क्या है।।
#ग़ालिब साहब


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